17.2.13

सर्कस

उमम् की आवाज के साथ
शहद की मिठास के साथ
शुरू हुआ सर्कस

चेहरे देखने का
आवाज पहचानने का
शुरू हुआ सर्कस

कछुए से चीता बनाने 
खरगोश से लोमड़ी बनाने का
शुरू हुआ सर्कस 

हिजड़ा बना सेनापति 
ज्ञानी गरल पीडित 
चल पड़ा सर्कस 

घोड़े को गधा बनाने का 
चेहरे पहचानने का 
चल पड़ा सर्कस 

नाम को दाम से चमकाने 
दाम को दाँत से चमकाने 
चल पड़ा सर्कस 

बंदरों की उछलकूद 
दोनों तरफ बल्ली में संभालते 
थकाने लगा सर्कस 

साँस की महीन तार 
मुश्किलें अपार 
थकाने लगा सर्कस 

घंटों और मन्त्रों का शोर 
द्वार पर पसरे बुजुर्गों के हाथ 
थकाने लगा सर्कस 

एकांत ... एकांत ...... !!!!!!!!!!!!
वृक्ष के नीचे ... चिड़ियों के पास .... 
बंद करो ये सर्कस .. !!!

हो गई पहचान 
कण-कण की 
बंद करो ये सर्कस .. !!!

जो है जैसा है .. वैसा है 
पूर्ण है 
बंद करो ये सर्कस .. !!!

निकली उच्छ्वास 
सत्य के 'नूर' से 
बंद हुआ सर्कस 

आती साँस जाती साँस 
हर क्षण प्रफुल्लित 
पूरा हुआ सर्कस




13.2.13

‘वन बिलियन राइजिंग’


मुझे बड़ा आश्चर्य हुआ यह जानकार कि अनुष्का यौन शोषण के खिलाफ खुल्लमखुल्ला आ गईं हैं और एक संगठन भी बनाया है जो स्त्रियों के खिलाफ यौन शोषण का मुखर विरोध करता है।

31 वर्षीय अनुष्का ने वेबसाइट ‘चेंज.ओआरजी’ के माध्यम से एक अरब महिलाओं और उन्हें चाहने वाले लोगों को इस वेलेंटाइन डे पर 14 फरवरी को बाहर निकलने, डांस करने और इस तरह की हिंसा को खत्म करने की आवाज उठाने के लिए कहा है ।

वेबसाइट के अनुसार, ‘वन बिलियन राइजिंग’ शीर्षक से यह अभियान का  वादा है जो दुनियाभर में महिलाओं और पुरुषों को यह कहने के लिए प्रेरित करेगा कि ‘बहुत हुआ, अब हिंसा समाप्त हो.’ इसमें एक वीडियो में अनुष्का को महिलाओं को संबोधित करते हुए भी देखा जा सकता है।

फिलहाल लंदन में रहने वाली भारतवंशी अनुष्का कहती हैं, ‘जब मैं बच्ची थी तो एक आदमी के हाथों सालों तक यौन और भावनात्मक उत्पीड़न का शिकार रही जिस पर मेरे माता-पिता आंख मूंद कर भरोसा करते थे. ज्यादातर महिलाओं की तरह मैंने भी कई तरह से मौखिक उत्पीड़न, छूने की कोशिशों और अन्य चीजों का सामना किया और मैं इनसे निपटना नहीं जानती थीं।

लोग प्रश्न करते हैं कि,

पहला, क्या इन मर्दों को अपनी बेटी - बहन याद नही आती ?
- सत्य यह है की 90% लैंगिक अत्याचार घरों में बहन-बेटियों के साथ ही होते हैं। सो ऐसा तर्क सत्य से परे है।

दूसरी बात, ऐसे अपराधों के लिए लालच भी दिया जाता है।
- तो आप अपनी बेटी को , बहन को या स्वयं को लालच से बचायें .

तीसरी बात, महिलाएं भी इन अपराधों में शामिल होती हैं जैसे होस्टल की वार्डन, भाभी, माँ, सहेली , बहन आदि ..तब क्या करें।
- इन महिलाओं के साथ शून्य सहनशीलता रखी जाए और पुरुषों से ज्यादा कठोर दंड इनके डर और लालच को दिया जाए।

चौथा, लड़कियां डर के कारण सामने नही आती हैं , क्या करें ?
 - उन्हें मजबूर मत करिए कि वे पुनः उस दौर से मन में भी गुजरें। शांत रहिये। सम्बंधित व्यक्ति को उसकी गलती का एहसास दिलाइये और वचन लीजिये कि वो आईंदा ऐसा नही करेगा और संबंधों को पुनः सामान्य कीजिये। हाँ .. दोषी पर आँख मूँद कर भरोसा करने की गलती न करें।

ऐसे मामलों में ज़रूरत है कि हम बेटियों को उठने-बैठने का तरीका सिखाने के साथ-साथ उनके आसपास के लोगों को भी बहन - बेटियों से संवाद करने का तरीका स्पष्ट कर दें।

 ~~~~ हैप्पी वेलेंटाईन डे ~~~~

खुश रहिये .. खुश रखिये ... 14 फरवरी प्रेम दिवस है .. जी भर के मनाईये प्रेम दिवस सबके साथ .. स-सम्मान।



रॉकस्टार

अच्छी किस्म की कम्पोस्ट खाद चाहिए थी
रॉकस्टार को ....
सो हमारे ऊपर कोठी तान दी 

शिकायत आई है उनकी ...
इतनी जोर से मत हँसो 
हमारी कोठी हिलती है .... 

खाद हो खाद जैसी रहो 
हमे देखो , कोठी देखो .. 
और खुश रहो 

लड़कियां नही हंसती ... 
वो खुश रहती हैं 
अच्छी किस्म की कम्पोस्ट खाद की तरह .. 

हम मान गए .....
अपनी किस्म की गुणवत्ता बनाये रखने के लिए
: ) ... मात्र  खुश    



टिंकरबेल


डायरी खोलते हैं ..
टिंकरबेल को पकड़ने

वो फिर उड़ गई ...
शैतान .......... !!!
उन्हह .. !!!

तुम यही करना टिंकरबेल ..
अपनी नादानियों में हमे फंसा देना
दांत निपोरते हुए ... दुष्ट !!!

करें परी माँ से शिकायत तुम्हारी
देखते हैं कैसे बचाता है तुम्हें
पीटर पैन ... ह्म्म्म ... !!!


4.2.13

झूला

हवा की महक
सूखी पत्तियों की ताल
मिटटी का घर्षण
गगन का आश्वासन
मिटटी से जुड़ा झूला

बच्ची का खेल करता झूले को ऊँचा ..और ऊँचा
खिलखिलाहट का स्वर ऊँचा ... और ऊँचा
पैरों की अठखेली को त्वरित ... और .. और
अनथक श्रम ... आगे और पीछे जाने का
झूले को सताने का ... ले जाने का .. ऊँचा .. और ऊँचा

निःस्वार्थ झूला भी बना है नादान
अपनी रस्सी को तान
करने देता है मनमानी
झूलाने को ऊँचा ... और ऊँचा
आगे - पीछे ... आगे - पीछे होकर
लेता है अपने झूला होने का मजा
बचपन की खुशियाँ बढ़ाकर ऊँचा .. और ऊँचा ...