14.5.13

अनामिका - मातृछाया एक

१५ दिन से लेकर ६ साल तक के बच्चे .
कोई टोकरी में मिला , कोई अस्पताल में .. कोई पुलिस स्टेशन से लाया गया तो कोई ... कह नही सकते उस असलियत को. रोते बच्चे .. बच्चे अनेक .. संभालने वाले आवश्यकता से कुछ कम.
सरकार की मदद ऊंट के मुंह में जीरे के बराबर है. लोगों की मदद से सेवा भारती का ' मातृछाया ' चल रहा है.
छोटे-छोटे बच्चे .. कितने प्यारे ...  छः छः गोदी में आ गए एक साथ .. उतरने को तैयार नही ..  संयुक्त परिवार जैसे. मेरे आते-आते बच्चों ने कल चोकलेट लाना का निवेदन भी किया है और हाव-भाव ऐसे की आप मना कर नही सकते. सच में , बच्चे सब जानते हैं.
अच्छा लगा सबसे मिलकर . आप भी जुड़िये किसी सामाजिक सरोकार से . जो आपके दिल के करीब हो. निर्मल ख़ुशी प्राप्त होगी . यदि आप ' मातृछाया ' को बच्चों के उपयोग का कोई सामान देना चाहते हैं तो 'अनामिका ' से संपर्क करें.

मातृछाया
कुदुदंड
बिलासपुर

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