16.6.17

मेरा ननिहाल २

बचपन में नानीजी के यहाँ हम सब बच्चे बड़े कभीकभार छत में सोने जाते और जो तेज पानी बरस जाए रात को तो छत से भीगते हुए अपना अपना तकिया गद्दा लेकर एक दूसरे पर गिरते पड़ते नीचे उतरते थे 😃😃😃  जिसको जहाँ जगह मिली टेढ़ा मेढ़ा गद्दा डालकर वहीं सो जाए। अब रात दो बजे बेस्ट तकिया मेरी फाईट करने की हिम्मत तो किसी में नहीं होती थी ... इस दौरान घर के पुरूष सदस्य जो छत नहीं जाते थे हम लोगों को ऐसे विजयी भाव से मुस्कुराते हुए देखते थे जैसे बहुत तोप मारी हो उन्होंने आराम से नीचे सोकर 😂😂😂

तो जब रात को सब सोएँ तो पैर घड़ी की दिशा में होता था पर सुबह उठें तो बाजू वाले कजि़न के मुँह पर घड़ी की विपरीत दिशा में होता था। मेरे ये समझ नहीं आता है कि जब हम छोटे थे तो पृथ्वी इतनी तेजी से क्यों घूमती थी .. साईड ही चेंज हो जाती थी ... 😃😃😃

वो तो भगवान का शुक्र है कि पहले नींद खुल जाती थी तो बाजू वाले को पहलेई धकिया देते थे कि उल्टा क्यों सोते हो वर्ना ... 😂😂😂   अगला भी नींद में अपनी गलती मान लेता और फिर सो जाता अपना सपना पूरा करने...

 😂😂😂

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