16.6.17

हमारी इरोम

डियर इरोम,

मुझे पता है आप इसे नहीं पढ़ेंगी पर अपने दिल की बात सबके सामने लिखूँगी ज़रूर। आपके अनशन ने मेरे मन में एक आपके प्रति एक दृढ़ व्यक्ति की छाप छोड़ी है।

डियर, आपका अनशन करना मुझे आधा गलत लगा क्योंकि पूर्वोत्तर के हालात मजबूर करते हैं कि वहाँ भारतीय सेना तैनात हो और आधा  सही लगा क्योंकि यह अनशन सेना की ज्यादतियों के खिलाफ था।

आपका मन निश्छल है जो तीन-पाँच समझने और करने की इजाज़त आपको नहीं देता है। अन्य दलों ने जो तरीके अपनाए वही तरीका है आज सफल जीवन जीने का। धनबल, बाहुबल, बरगलाना सब क्योंकि कहते हैं न जो जीता वो सिकंदर जो हारा वो बंदर। तो जंग में सब जायज़ है हमेशा से। आपको यह जंग नहीं लगी दैट्स सो नाइस ऑफ यू।

इरोम .. बाहरी दुनिया में कदम रखोगी तो इस सच्चाई का सामना करना ही होगा। आप तो बहुत बहादुर हो आपको घरवालों का सपोर्ट नहीं था फिर भी आपने अपने इरादे कमजोर न पड़ने दिए। अब आप आराम से अपनी ज़िंदगी बिताइए जिसकी हक़दार आप हैं.. डेफिनेटली हैं।

आप पर मुझे गर्व है कि हमारे देश में भी कोई इतना प्योर हार्ट है। अब तथाकथित योग्य लोगों को आप उनका काम करने दो और आप चैन की बंसरी बजाओ। आप फिर तैयार हों राजनीति में आने के लिए तो फिर आ जाइएगा और तैयारी के साथ ... 😊

लव यू डियर 👍
टेक केयर 😊
#IromSharmilaChanu, #IronLady

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